Wednesday, October 20, 2010

यादें


कई रंग रंगे
कई लिबास ओढ़े

यादें मिलती हैं
हवा के स्पर्श
और खुशबु के संग
संगीत में घुली हुई
उम्मीदों से भरी हुई।
पल- पल आतीं
पल-पल जातीं

हर पल बन जाती हैं
गुज़रे पल की यादें।

4 comments:

डॉ .अनुराग said...

खूबसूरत !!!

अनिल कान्त said...

स्मृतियाँ होती ही ऐसी हैं

संजय भास्कर said...

truly brilliant..
keep writing..all the best

राकेश कौशिक said...

यादें तो यादें हैं - डूबते जाओ अनंत गहराई में.

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